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Block Tube (बंद नलें)

बंद नलें

स्वस्थ प्रजनन के लिए महिला की नलों यानि की फ़ेलोपियन ट्यूब का स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है! इनका काम अंडेदानी से अंडे उठा कर निषेचन में सहायता करने के साथ ही निषेचित अंडे को गर्भश्य तक पहुँचाना भी है!

नलों की समस्या बाँझपन कैसे उत्पन करती है?

 

नलों की संरचना की गड़बड़ी शुक्राणु एवं अंडे के मिलन में बाधा बन सकती है! नलों के समीपस्थ हिस्से की रुकावट शुक्राणुओं को अंदर पहुंचने से रोक सकती है जबकि दूरस्थ हिस्से के बंद होने पर वह अंडे उठाने में असमर्थ हो जाती है!

नलों में किसी तरह की रुकावट अथवा गड़बड़ी लगभग 25-30% महिलाओं के बाँझपन का कारण है! यह खराबी एक अथवा दोनों नलों में हो सकती है!

नलों के बंद होने के सामान्य कारण :

1. संक्रमण, जैसे कि श्रोणि (पेल्विक) का संक्रमण, सेप्टिक गर्भपात, टीबी, अथवा अपेंडिक्स का फट जाना

2. नलों कि शल्य चिकित्स्या

3. नलों में पानी भर जाना

4. नलों में भ्रूण का विकसित होने की वजह से नलों का फट जाना अथवा उनको निकल दिया जाना

5. एंडोमेट्रोसिस

6. नलों में गांठ अथवा मस्सा होना 

 

 

 

नलों की जाँच की चिकित्सीय विधियां

 

1. नलों का  एक्सरे जिसे HSG अथवा हिस्ट्रोसैल्पिन्जोग्राफी पहली जाँच है जिसे चिकित्सक करने का परामर्श देते है!

2. Hycosy नामक अल्ट्रासाउंड लगभग दर्दरहित और बिना चीरफाड़ वाली जाँच है! इस जाँच से ये नहीं पता चल पता कि दोनों नलें खुली हैं अथवा एक, और यदि एक खुली है तो वह किस तरफ की है - दांयी अथवा बांयी!

3. दूरबीन द्वारा जाँच से नलों की खराबी का पता लगाया जा सकता है और कुछ हद तक उन्हें ठीक भी किया जा सकता है! यह सभी टेस्ट चिकित्सक के परामर्श अनुसार कराये जाते है!


उपलब्ध विकल्प

 

यदि महिला की एक नल अथवा ट्यूब खुली हुई हो तो वह सामान्य रूप से भी गर्भवती हो सकती है! अंडो की नियमित जाँच अल्ट्रासाउंड द्वारा करके IUI जिसे की इंट्रा यूटेरिन इनसेमिनेशन भी कहते है, के द्वारा सफलता मिल सकती है! इसमें पुरुष के शुक्राणुओं को एक कैथेटर के जरिये महिला क अंदर डाला जाता है और बेहतर सफलता तब मिल सकती है जब खुली नल की तरफ वाली अंडेदानी से अंडा उत्सर्जित हुआ हो!

 

यदि महिला की दोनों ट्यूब बंद हो तो दूरबीन द्वारा चिकित्स्या संभव है! कभी कभी हल्का सा जमाव होने पर नलें खुल जाती है परन्तु यदि लेप्रोस्कोपी से भी ट्यूब न खुल पायें तो IVF पद्धति के  जरिये संतान प्राप्ति हो सकती है!

 

यदि नलों में पानी भरने की वजह से उनमे संक्रमण हो गया हो, अथवा वे खराब हो गयी हो तो नलों को बांध दिया जाता है जिससे संक्रमण बच्चेदानी में ना आने पाये!

यदि अंडे बनने अथवा शुक्राणुओं की कमी हो तो सीधे IVF  कराना चाहिए!

 

यदि महिला ने किसी कारणवश पहली संतान के बाद नलों को बंधवा दिया हो और अब वह दूसरा बच्चा चाहती हो तो नलों को दुबारा खोला जा सकता है! यदि कोई अन्य कारण भी हो तो IVF का रास्ता अपनायें!

 

सीड्स ऑफ़ इनोसेंस पर सभी प्रकार की चिकित्स्या उपलब्ध है! समस्या के अनुसार समाधान कर हम आपको संतान सुख प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं!

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